लखनऊ में बनकर तैयार देश के सबसे खूबसूरत हाईकोर्ट का उद्घाटन 19 मार्च को हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर, गवर्नर राम नाईक, पश्चिम बंगाल के गवर्नर केसरीनाथ त्रिपाठी, सीएम अखिलेश यादव और इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ इसके प्रमुख गेस्ट होंगे।
खासियत :
- बिल्डिंग को बनाने की शुरुआत 2012 हुई
- बिल्डिंग को बनाने का शुरूआती बजट ७०० करोड़ रूपये का था
- अंततः कुल 1300 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद यह बिल्डिंग तैयार हो पायी है
- इसे बनाने में तय समय से लम्बा समय। यहाँ तक की इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायाधीश गणो को राज्य सरकार के लिए दिशा निर्देश जारी करना पड़ा की सालाना बजट में सम्बंधित मद और सम्बंधित कार्यदाई के बजट में समुचित प्रबंध किये जाये। हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कमीटी में रजिस्ट्रार के माध्यम अपना प्रतिनिध्त्व भी सुनिश्चित किया।
- हाईकोर्ट बिल्डिंग 40 एकड़ के एरिया में बना है।
- बिल्डिंग को बलुआ पत्थर से बनाया गया है। जिसे चुनार और राजस्थान से मंगाया गया है। इनकी खासियत होती है कि ये 150 साल तक खराब नहीं होती।
- यह बिल्डिंग क्लासिकल और मॉर्डन दोनों ऑर्किटेक्चरल का खूबसूरत नमूना है।
- देश में अब तक इससे बड़ा और खूबसूरत हाईकोर्ट नहीं बना है।
- बिल्डिंग को बाहर से देखने पर संसद भवन जैसा लुक दिखता है। हालाँकि कार्यदायी संस्था के चीफ इंजीनियर का कहना है कि इसकी डिजाइन में किसी को कॉपी नहीं किया गया है। इस बात का ध्यान रखा गया है कि यह ट्रेडिश्नल तो हो लेकिन कॉपी न हो।
- बिल्डिंग की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे जिस तरफ से देखा जाएगा उसी तरफ बिल्डिंग का फ्रंट दिखाई देगा। इसके किसी भी साइड में जाने पर लोगों को ये नहीं लगेगा कि वे बिल्डिंग के पीछे की तरफ आ गए हैं।
- इसे 3 फ्लोर में बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर में रजिस्ट्रार ऑफिस के साथ कोर्ट के दूसरे ऑफिस होंगे। जबकि फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड फ्लोर पर कोर्ट रूम बनाए गए हैं।।
- कोर्ट रूम में ज्यादातर लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। कोर्ट रूम को उसी तरह से बनाया गया है, जिस तरह लोग टीवी में देखते आए हैं। कोर्ट रूम का लुक पुराना है, लेकिन इंटीरियर मॉडर्न पैटर्न पर बनाया गया है।
- कोर्ट परिसर में तीन हजार कारों के पार्किंग की व्यवस्था है। जज, वकील और पब्लिक तीनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
- जजों को तनाव से बचाने के लिए फिजियोथैरेपी सेंटर की भी व्यवस्था परिसर में ही की गई है।
- कोर्ट परिसर में अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं वाला जिम भी बनाया गया है।
- साथ ही कोर्ट की लाइब्रेरी में करीब एक लाख किताबें होंगी।
- पूरा परिसर वाईफाई से लैस होगा।



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